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आर्गेनिक फार्मिंग के लिए अब जमीन जरूरी नहीं, घर पर उगाएं केमिकल फ्री सब्जियां

घर की छत, फ्लैट की गैलरी या किचन स्पेस में आसानी से संभव है न्यूट्रिएंट्स से भरा किचन गार्डनिंग

Written by Sudeep Tripathi

ऑर्गेनिक फार्मिंग की बात हो, या किचन गार्डेनिंग की… लोग इस बात में उलझकर इसे टाल देते हैं कि उनके पास जमीन नहीं हैं। बिना जमीन कोई भी खेती कैसे संभव है। लेकिन अब आपको यह सोचने की जरूरत नहीं है। बिना जमीन के भी उसी घर में सब्जियों की खेती संभव है, जहां आप रह रहे हैं। जहां आप खाना बनाते हैं या फिर जिस गैलरी में बैठकर आप चाय पीते हैं, वहीं आप अपनी खेती कर सकते हैं। यह बड़ा ही आसान है।
गार्डेनिंग को लेकर कई तरह की रिसर्च सामने आई है। बाजार में मिलने वाली सब्जियों में कई तरह के किमिकल और ऐसे हानिकारक खाद का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो शरीर के लिए बेहद ही हॉनिकारक है। इसके दुष्प्रभाव इतने भयंकर हैं कि आपको तरह-तरह की बीमारियां होंगी और आप अस्पतालों के चक्कर काटते रह जाएंगे। यह जरूरी है कि कम से कम हर रोज दो या तीन वक्त आपके खाने में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां आप घर पर ही तैयार करें, इससे आप स्वास्थ्य तो रहेंगे ही साथ ही बाजार से खरीदी और डॉक्टरों के खर्च से बच जाएंगे।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर बताते हैं कि न्यूट्रिएंट्स से भरपूर आर्गेनिक गार्डनिंग में आपको अब ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं होती। आप घर पर ही अपने छत, या किचन के स्पेस या फिर अपनी फ्लैट के गैलरी वाली जगह में भी इस खेती को बड़ी आसानी से कर सकते हैं। ऑर्गेनिक गार्डनिंग का अब सिस्टम बना हुआ है और आपको पानी, डालने के साथ-साथ गोबर खाद या ग्रैन्अल्स, बॉयो कल्चर जैसे द्रव्य और बायो रिपीलेंट का छिड़़काव कर आसानी से घर पर ही पैदावार हासिल की जा सकती है। आजकल बाहर से गमला या कोई सिस्टम भी बनवाने की जरूरत नहीं होती, ग्रो बैग नाम के ऐसे थैले आते हैं, जिनमें मिट्टी भरकर खेती की जा सकती है।

किट के साथ अब पौधे भी सीधे घर पर मंगवाया जा सकता है- डॉ. संकेत

डॉ संकेत ठाकुर के मुताबिक घर पर किचन गार्डेनिंग करने के लिए किट के साथ साथ अब सीधे पौधे भी खरीदा जा सकता है। उन्होंने बताया कि रायपुर से लगे अछोटी में युवा हर्ष त्यागी ” हिंगना ऑर्गेनिक्स” के जरिये किचन गार्डनिंग पर काम कर रहे हैं। यहां आर्गेनिक तरीके से पौधे तैयार होते हैं और उन्हें सीधे आर्डर पर घर पहुंचाया जाता है। दूर दराज के लोग यहां ‘बग़ीचावाला डॉट कॉम’ के माध्यम से तैयार आर्गेनिक किचन गार्डनिंग किट को भी मंगवा सकते हैं.

क्या है बायो कल्चर?

यह एक प्रकार का ऐसा द्रव्य है, जिसमें जिंदा बैक्टेरिया होते हैं, यह पौधे और मिट्टी के लिए बेहद ही लाभदायक होता है। मिट्टी में मौजूद शाकाहारी कीड़ों को यह नष्ट कर मित्र कीड़े यानि पौधों के लिए लाभदायक कीड़ो को पोषण देता है। इसे 50 एमएल तक एक लीटर पानी में मिलाकर पौधों में हर 10 दिनों में छिड़काव करने से पौधे तंदरूस्त और कीटरहित बढ़ते हैं।

क्या है बायो रीपेलेंट और ग्रेनुअल्स?

बायो रीपेलेंट एक ऐसा जैविक द्रव्य है, जो प्राकृतिक तरीके से तैयार किया जाता है। इसे आप किसी भी पौधे में छिड़क सकते हैं। यह गोबर, नीम और आर्युवेद तरीके से तैयार होता है। इसमें देशी गाय का गौमूत्र भी होता है, जो पौधे के लिए कीटनाशक और बूस्टर का काम करता है। ऑर्गेनिक ग्रेनुअल्स एक तरह से गोबर खाद का दाना (ग्रेनुएल्स) हैं, जो मिट्टी में धीरे-धीरे घुलते हैं और आपना काम करते हैं। यह वजन में ज्यादा और इस्तेमाल करने में गोबर खाद की मात्रा से कम होते हैं। इन दानों को एक पौधे के लिए एक चम्मच जितना भी नियमित रूप से डालने से असर होता है।

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